सोमवार, 25 अगस्त 2014

माया का रूप 1

परम् सत्य ब्रम्ह यदि संसार में घटित होने वाली घटनाओं से नहीं प्रभावित होता है तो इन घटनाओं के सृजित होने की व्याख्या नहीं की जा सकती है । अनादिकाल से अस्तित्व में विद्यमान परंतु फिरभी सत्य नहीं और अविद्या का श्रोत यह संसार माया का पहला रूप है ।  

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