माया
सोमवार, 4 अगस्त 2014
ब्रम्ह
ब्रम्ह को निर्गुण
,
निराकार
,
चिर
,
दिव्य
,
शांत और आनंद बताया जाता है । ब्रम्ह स्वत: अस्तित्व है । ब्रम्ह के अतिरिक्त जो कुछ भी है वह ब्रम्ह पर आश्रित है जबकि ब्रम्ह किसी अन्य पर आश्रित नहीं है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें