मंगलवार, 19 अगस्त 2014

ब्रम्हाण्ड

मैं और मैं-नहीं की प्रतिक्रिया में सबसे पहले सृजित हुआ ब्रम्हाण्ड । यह समस्त रूप स्वरूपों को धारण किये होता है । इसमें अनेको संसार, सौर मण्डल समाहित पाये जाते हैं । इसमें भूत, वर्तमान और भविष्य एक सर्वोच्च वर्तमान में समाया होता है । इसके उत्पत्ति के वाद पैदा हुई रचनाये इसके अंदर सूक्ष्म अंग के रूप में समाहित रहती हैं । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें